बे-ज़बाँ जो कहते हैं मुझ को सो चुप रह जाएँगे
मारके में हश्र के गर बात की रुख़्सत हुई
“Those who speak of me without a tongue will fall silent, If the matter of my departure is spoken aloud.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जो लोग बिना ज़ुबान के मेरे बारे में बात करते हैं, वे चुप हो जाएँगे, अगर मेरे जाने के विषय को ज़ोर से कहा गया।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर साहब की रूहानी गहराई को दर्शाता है। शायर कहते हैं कि अगर वो बे-ज़ुबान लोग भी जब उनके बारे में बात करेंगे तो चुप रहेंगे, तो मरने के बाद, जब क़ब्र में उनका हश्र होगा, तब क्या होगा? यह किसी की इज़्ज़त और याददाश्त की बात है, जो मौत के बाद भी ज़िंदा रहती है।
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