क्या कफ़-ए-दस्त एक मैदाँ था बयाबाँ इश्क़ का
जान से जब उस में गुज़रे तब हमें राहत हुई
“Was the palm of the hand a desert field of love, when the life passed through it, then did we find relief?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
क्या हाथ की हथेली प्रेम का एक वीरान मैदान थी, जब जान उससे गुज़री तब हमें राहत मिली।
विस्तार
यह शेर इश्क़ के सफ़र की गहराई को बयां करता है। शायर कहते हैं कि मोहब्बत का रास्ता खुद एक वीरान रेगिस्तान जैसा है। यह सिर्फ़ दर्द और तन्हाई का एहसास है। लेकिन असली बात तो आख़िर में आती है—हमें राहत तब मिलती है, जब हमारी ज़िंदगी इस मुश्किल सफ़र से गुज़रती है। यानी, दर्द से गुज़रना ही सुकून की पहली सीढ़ी है।
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