कैसे कैसे रुक गए हैं 'मीर' हम
मुद्दतों मुँह तक जिगर आता रहा
“How and how have we stopped, O Meer, Our heart's yearning kept coming to the lips for ages.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मीर ने पूछ रहे हैं कि वे किस तरह रुक गए हैं, और उनका हृदय का उत्कंठा (या याद) कई समय से उनके होंठों तक आता जा रहा है।
विस्तार
यह शेर दिल के अंदर दबे हुए दर्द और उलझन को बयां करता है। शायर पूछ रहे हैं कि हमने कैसे रुकना सीख लिया.... जबकि हमारा दिल (जिगर) तो सदियों से हमारे होंठों तक आ रहा था। यह उस एहसास को दिखाता है जब दर्द इतना गहरा हो जाता है कि हम उसे ज़ुबान पर ला भी नहीं पाते।
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