दाग़ था जो सर पे मेरे शम्अ साँ
पाँव तक मुझ को वही खाता रहा
“The stain that was upon my head, O candle, It kept consuming me right down to my feet.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे सिर पर जो दाग था, हे मोमबत्ती, वह मुझे पाँव तक खाता गया।
विस्तार
यह शेर उस जुनून की बात करता है जो धीरे-धीरे पूरे इंसान को निगल जाता है। जो दाग़ सर पर लगा था, यानी शुरुआत में जो एहसास हुआ, वह बस इतना नहीं रहा। शायर कह रहे हैं कि यह दाग़ आपको पाँव तक, आपके वजूद के हर कोने में खा गया। यह इश्क़ के उस दर्द को बयां करता है जहाँ से निकलने का कोई रास्ता नहीं होता।
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