आलम सियाह-ख़ाना है किस का कि रोज़-ओ-शब — मीर तक़ी मीर
आलम सियाह-ख़ाना है किस का कि रोज़-ओ-शब
ये शोर है कि देती नहीं कुछ सुनाई बात
“Whose realm is this dark house, where day and night, And this noise, that gives no audible sound?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यह अंधेरा संसार किसका है, जहाँ दिन और रात बीतते हैं, और यह शोर ऐसा है कि कोई आवाज़ सुनाई नहीं देती।
विस्तार
यह शेर उस बेचैनी और भ्रम की स्थिति को बयां करता है, जब ज़िंदगी बहुत ज़्यादा शोरगुल से भरी हो। मिर्ज़ा तक़ी मीर पूछ रहे हैं कि ये किस का आलम है, जो दिन हो या रात, बस शोर ही है। यह शोर इतना गहरा है कि इंसान को कोई भी बात सुनाई नहीं देती। यह जीवन की उस उलझन को दर्शाता है, जहाँ शांति मिलना नामुमकिन लगता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
