मैं जो बोला कहा कि ये आवाज़
उसी ख़ाना-ख़राब की सी है
“What I spoke, I said, that sound Is like the decay of a house.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मैंने जो कहा, मैंने कहा कि यह आवाज़ उस जीर्ण-शीर्ण घर की तरह है।
विस्तार
यह शेर न सिर्फ़ आवाज़ की बात करता है, बल्कि इंसान की अपनी बेबसी और कमज़ोरी को बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि जो बात मेरे ज़ुबां से निकल रही है, वह एकदम साफ़ या व्यवस्थित नहीं है। यह एक तरह का आत्म-स्वीकारोक्ति है कि मैं अपनी बात कहने में थोड़ा लड़खड़ा रहा हूँ। बहुत गहरा एहसास है यह!
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
