मुस्तहलक उस के 'इश्क़ के जानें हैं क़दर-ए-मर्ग
ईसा-ओ-ख़िज़्र को है मज़ा कब वफ़ात का
“The passion of love is the very essence of life and death, When will the joy of demise come to Isa and Khizr?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उसकी मोहब्बत के नशा में ही जीवन और मृत्यु दोनों की अहमियत है। ईसा और खज़र को मौत का मज़ा कब आएगा।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस पराकाष्ठा को बयान करता है, जहाँ मोहब्बत सिर्फ़ एहसास नहीं, एक जीवन-मृत्यु का पैमाना बन जाती है। शायर कहते हैं कि यह इश्क़ इतना गहरा है कि इसकी क़द्र में मौत भी शामिल है। वह पूछते हैं कि ईसा और ख़िज़्र जैसे महान लोग भी वफ़ात का मज़ा कब लें? इसका मतलब है कि यह इश्क़ हर बंधन और हर सीमा से परे है।
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