अपनी ही सैर करने हम जल्वा-गर हुए थे
इस रम्ज़ को व-लेकिन मादूद जानते हैं
“We had become intoxicated by exploring our own paths, But we are familiar with this deception, beloved.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अर्थात्, हम स्वयं के रास्ते पर भ्रमण करते हुए मदहोश हो गए थे, लेकिन प्रिय, हम इस छल को अच्छी तरह जानते हैं।
विस्तार
देखिए, यह शेर एक बहुत ही गहरी बात कहता है। शायर कह रहे हैं कि मैं तो बस अपनी ही दुनिया में, अपनी ही सैर में मगन था। कोई दिखावा नहीं था! लेकिन वो माशूक़.... वो तो मेरे दिल का हाल जानता है। उसे पता है कि इस सादगी के पीछे भी कोई न कोई गहरा राज़ छुपा है। यह एहसास कि आप इतने खुले होते हुए भी, कोई आपकी आत्मा को पढ़ सकता है, कितना अद्भुत होता है!
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