इज्ज़-ओ-नियाज़ अपना अपनी तरफ़ है सारा
इस मुश्त-ए-ख़ाक को हम मस्जूद जानते हैं
“All honor and favor belong to you, my lord, I know myself to be merely a dust-covered servant.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
आपका सारा मान-सम्मान और कृपा आप पर है, और मैं स्वयं को केवल धूल से ढका हुआ एक सेवक जानता हूँ।
विस्तार
यह शेर आत्म-सम्मान और आत्म-जागरूकता की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि मेरी सारी इज़्ज़त और नज़ाकत तो मेरी अपनी है। वे यह स्वीकार करते हैं कि वह अपनी इस धूल भरी हथेली को एक उपासक या नतमस्तक इंसान मानते हैं। यह अपनी आंतरिक कीमत को पहचानने का एक बहुत ही गहरा बयान है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
