ज़ुल्फ़ें खोलीं तो तू टुक आया नज़र
उम्र भर याँ काम-ए-दिल बरहम रहा
“When I opened my tresses, my gaze was fixed upon you; My heart's desire remained unfulfilled throughout my life.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब मैंने अपने बाल खोलकर देखे, तो मेरी नज़र तुम पर अटक गई; मेरे दिल की इच्छा जीवन भर अधूरी रही।
विस्तार
यह शेर उस पल को बयां करता है जब हुस्न का पर्दा उठता है, और उसका असर जानलेवा होता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि बस ज़ुल्फ़ें खुलते ही, एक नज़ारा सामने आ गया। और इस नज़ारे ने उनकी पूरी ज़िंदगी को यूँ उलझा दिया कि दिल का काम कभी पूरा नहीं हो पाया!
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