Sukhan AI
जिगर सू-ए-मिज़्गाँ खिंचा जाए है कुछ
मगर दीदा-ए-तर हैं लोहू के प्यासे

Though the heart is drawn towards the river of longing, Yet the eyes are thirsty for the blood of tears.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

हालांकि दिल तड़प की नदी की ओर खिंचा चला जाता है, पर आँखें आँसुओं के खून से प्यासी हैं।

विस्तार

यह शेर ज़बान और आँखों के बीच के गहरे संघर्ष को बयां करता है। शायर कहते हैं कि शायद दिल का कुछ हिस्सा होंठों तक आ जाए... यानी जो बात कहनी है, वह कहने को तैयार है। लेकिन... असली बात तो आँखों में है! ये आँखें सिर्फ प्यासी नहीं हैं, ये तो लहू की प्यासी हैं। यह जुनून, यह दर्द, इतना गहरा है कि ये बस आँखों में उमड़ रहा है, जिसे लफ़्ज़ों में बयां करना नामुमकिन है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.