उसी का दम भरा करते रहेंगे
बदन में अपने जब तक नीम-जाँ है
“As long as the breath remains in the body, I will continue to quench the thirst of that very one.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब तक शरीर में जान बाकी रहेगी, तब तक मैं उसी की प्यास बुझाता रहूँगा।
विस्तार
यह शेर एक गहरे, लगभग जुनूनी इश्क़ को बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि जब तक महबूब का 'दम' (यानी उसकी याद या असर) हमारे जिस्म में बाकी है, हम उसी के दम पर जीते रहेंगे। यह एक ऐसी बेबसी है, जहाँ ज़िंदगी का स्रोत महबूब ही बन जाता है। यह इश्क़ की सबसे गहरी, सबसे दर्द भरी परिभाषा है।
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