'इश्क़ में होश ओ सब्र सुनते थे
रख गए हाथ सो तो कानों पर
“They used to hear of intoxication and patience in love, But they kept the hand (of fate) on the ears.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इश्क़ में होश और सब्र सुनने को मिलते थे, लेकिन हाथ का सहारा कानों पर रख दिया।
विस्तार
यह शेर बताता है कि इश्क़ की राह पर लोग हमेशा सब्र और होश की बातें करते हैं। लेकिन शायर कहते हैं कि जब महबूब का हाथ आपके हाथ में आता है, तो ये सारी बातें... हवा हो जाती हैं। प्रेम का अनुभव इतना गहरा होता है कि वह हर तर्क और हर सीख को बेमानी बना देता है। यह एक ऐसा पल है जहाँ वजूद खुद को वज़ूद से ज़्यादा महबूब में खो देता है।
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