Sukhan AI
ग़म ओ ग़ुस्सा है हिस्से में मेरे
अब म'ईशत है उन ही खानों पर

Grief and anger are parts of me, Now my livelihood depends on those very sources.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

ग़म और गुस्सा मेरे हिस्से में हैं, और अब मेरा गुज़ारा भी उन्हीं खानों पर निर्भर है।

विस्तार

यह शेर ज़िंदगी के कड़वे सच को बयान करता है। शायर कहते हैं कि ग़म और ग़ुस्सा तो हमारे हिस्से में ही लिखे हैं, लेकिन असली दर्द तो दूसरी लाइन में है। कि हमारी रोज़ी-रोटी... हमारी म'ईशत... उन ही महलों या जगहों पर टिकी है, जो हमें तड़पाती हैं। क्या ये ज़िंदगी है, या एक तंग फंदा!

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.