जा-ए-रोग़न दिया करे है इश्क़
ख़ून-ए-बुलबुल चराग़ में गुल के
“Love has offered the oil of the ailment, The blood of the nightingale in the lamp of the flower.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
इश्क़ ने रोग के तेल का दान किया है, और गुल के दीपक में बुलबुल का रक्त।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की गहराई को समझाता है। शायर कहते हैं कि इश्क़ ही वो रोशनी है जो जीवन के दीपक को जलती रखती है। हमारा जुनून, हमारी भावनाएं—जैसे बुलबुल का खून—ही इस दुनिया को महकाती हैं, इन फूलों को रंग देती हैं। सच्चा प्यार ही हमारे अस्तित्व का ईंधन है।
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