“On every footprint of yours, my beloved, I have sold my head; oh, please take a stroll today through the market of love.”
हर कदम के निशान पर, मेरे प्रिय, मैंने अपना सिर बेच दिया है; आज तो प्यार के बाज़ार में सैर कर लो।
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की मुहब्बत और नज़दीकी का बेहतरीन तसव्वुर है। शायर कह रहे हैं कि महबूब के हर क़दम का निशान... मेरे लिए इतना कीमती है कि उसे बेच दिया गया है। और इसलिए, आज तू महब्बत के बाज़ार में घूम कर देख। यह हमें सिखाता है कि इश्क़ सिर्फ़ किसी के पीछे चलना नहीं है, बल्कि भावनाओं के इस रंगीन बाज़ार में घूमना भी है।
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