हर जिंस के ख़्वाहाँ मिले बाज़ार-ए-जहाँ में
लेकिन न मिला कोई ख़रीदार-ए-मोहब्बत
“In the market of the world, I found the desire for every kind of thing, but I could not find a buyer for the love-heart.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर तरह की इच्छाएँ दुनिया के बाज़ार में मिलीं, लेकिन प्यार के दिल के लिए कोई खरीदार नहीं मिला।
विस्तार
शायर कहते हैं कि दुनिया का बाज़ार तो हर तरह की ख्वाहिश से भरा पड़ा है.... हर चाहत का सौदा है.... लेकिन जब बात मोहब्बत की आती है, तो कोई ख़रीदार नहीं मिलता! यह शेर उस बेरुख़ी पर एक गहरा तंज है, जहाँ दिल की बात को भी एक बाज़ार में सामान की तरह तौला जाता है। एक बहुत ही दर्द भरा एहसास है यह!
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
