कुछ बे-सबब नहीं है ख़ातिर मिरी परेशाँ
दिल का अलम जुदा है ग़म जान का जुदा है
“My distress for you is not without reason, My heart's pain is separate, and the soul's sorrow is apart.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर कह रहा है कि मेरे लिए मेरी यह बेचैनी किसी बिना वजह की नहीं है। मेरा दिल का दर्द अलग है, और जान का गम उससे भी अलग है।
विस्तार
ये शेर एक बहुत ही गहरे फ़र्क़ को समझाता है। शायर कह रहे हैं कि जो बेचैनी उन्हें महसूस हो रही है, वह बे-सबब नहीं है.... इसके पीछे कोई न कोई वजह है। वो दिल के दर्द और जान के ग़म को दो अलग-अलग चीज़ें बता रहे हैं। मतलब ये कि जो दर्द है, वो सिर्फ़ दिल तक सीमित नहीं है.... ये आत्मा, ये रूह तक फैल चुका है! यह एक बहुत ही तफ़सील से भरा एहसास है।
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