बुर्क़ा उठा था रुख़ से मिरे बद-गुमान का — मीर तक़ी मीर
“The burqa had lifted the veil from my mistaken belief; Seeing it, I realized the true color of the entire world.”
अर्थ
मेरे बदगुमान का मुख से बुर्का उठा था; मैंने देखा तो सारे जहान का और रंग है।
विस्तार
यह शेर उस पल की बात करता है जब हमारी कल्पनाएं टूटती हैं और हमें सच्चाई का सामना करना पड़ता है। शायर कहते हैं कि मेरे मन के 'बद-गुमान' का जो पर्दा था, वह उठा, और जो नज़ारा सामने आया, वह तो पूरे जहान का रंग था। इसका मतलब है कि हमारी अपनी शंकाएं कितनी भी गहरी क्यों न हों, हकीकत हमेशा उससे कहीं ज़्यादा विशाल और रंगीन होती है।
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