रोना यही है मुझ को तेरी जफ़ा से हर-दम
ये दिल-दिमाग़ दोनों कब तक वफ़ा करेंगे
“To weep always from your cruelty, this is my fate, How long will both my heart and mind remain loyal to your gate?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तेरी ज़फ़ा से मुझे हरदम रोना ही है, ये दिल और दिमाग़ दोनों कब तक वफ़ा करेंगे।
विस्तार
यह शेर दर्द की उस गहराई को बयां करता है, जहाँ आँखों से आँसू बहना ही एकमात्र सहारा बचता है। शायर कहते हैं कि महबूब की ज़फ़ा से रोना ही मेरा बस है.... लेकिन उससे भी बड़ी उलझन ये है कि ये दिल और ये दिमाग़, दोनों कब तक वफ़ा निभा पाएंगे? यह सिर्फ़ प्यार का दर्द नहीं, बल्कि इंसान के टूटने की हद को छूने वाला एहसास है।
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