दिल की तसल्ली जब कि होगी गुफ़्त ओ शुनूद से लोगों की
आग फुंकेगी ग़म की बदन में उस में जलिए भुनिएगा
“When the heart finds solace from the whispers and tales of men, It will breathe fire of sorrow into the body, and you will burn within it.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब दिल को लोगों की बातों और किस्सों से शांति मिलेगी, तो वह शरीर में गम की आग फूकेगी, और आप उसमें जलेंगे।
विस्तार
यह शेर मिर्ज़ा तक़ी मीर की ज़िंदगी के एक बहुत गहरे सच को बयां करता है। शायर कहते हैं कि अगर आपको दिल की तसल्ली... लोगों की बातें, उनकी बातों से मिल जाती है, तो यह तसल्ली कितनी ख़तरनाक होती है। क्योंकि यह शांति नहीं, बल्कि एक आग है जो अंदर जलती है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी ख़ुशी का स्रोत कभी भी बाहरी लोगों की बातों में नहीं ढूंढना चाहिए।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
