गर्म अशआर 'मीर' दरूना दाग़ों से ये भर देंगे
ज़र्द-रू शहर में फिरिएगा गलियों में ने गुल चुनिएगा
“Oh Meer, your verses, like a burning wine, will fill these stain-marked days; you shall wander through the yellow city, picking flowers in the lanes.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
शायर मीर, आपके कड़वे और गहरे अशआर इन दाग़ों से भरे दिन भर देंगे; आप पीले शहर में गलियों में घूमकर फूल चुनेंगे।
विस्तार
यह शेर मीर तक़ी मीर साहब की शायरी का एक बेहतरीन नमूना है। यहाँ शायर बता रहे हैं कि ज़िंदगी के दर्द.... ये जो गहरे दाग़ हैं न, ये हमारे दिल पर रह जाते हैं। लेकिन ये 'गर्म अशआर'.... ये कविताएँ, ये शायरी, इन्हीं दाग़ों को भर देंगी! आप एक टूटी-फूटी, पुरानी गली में भी निकलेंगे.... और बस फूलों को चुनते रह जाएंगे। यह दर्द और कला का मिलन है।
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