इश्क़-पेचे की तरह हुस्न-ए-गिरफ़्तारी है
लुत्फ़ क्या सर्व की मानिंद गर आज़ाद रहो
“Beauty is like the chains of captivity, a snare, What pleasure is there, if one remains free today?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तुम्हारा सौंदर्य एक बंधन की तरह है, और यदि तुम आज़ाद रहो तो सभी सुख किस काम के हैं।
विस्तार
ये शेर इश्क़ के सबसे बड़े विरोधाभास को बयां करता है। शायर कहते हैं कि इश्क़ की ये क़ैद... ये बंधाव... दुनिया की किसी भी आज़ादी के मज़ा से कहीं ज़्यादा हसीन है। जब दिल किसी के इश्क़ में बंध जाए, तो वो आज़ादी का क्या मज़ा ले सकता है? यह समर्पण ही सबसे बड़ी ख़ुशी है।
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