रश्क-ए-यूसुफ़ है आह वक़्त-ए-अज़ीज़
'उम्र इक बार-ए-कारवानी है
“The charm of Joseph is the pain of the dear time, Life is but a single caravan journey.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
रश्म-ए-यूसुफ है ये वक़्त-ए-अज़ीज़, ये उम्र तो बस एक कारवां की सैर है।
विस्तार
यह शेर एक बहुत ही गहरे दर्द और ज़िंदगी के फ़लसफ़े को बयान करता है। शायर कह रहे हैं कि सबसे ज़्यादा जलन, सबसे ज़्यादा बेचैनी, वो वक़्त होती है जब हम अपने महबूब के करीब होते हैं! क्योंकि यही वो वक़्त होता है जब चीज़ें सबसे कीमती लगती हैं। और जब शायर कहते हैं कि उम्र एक बार-ए-कारवानी है, तो मतलब है कि ये पूरी ज़िंदगी भी एक गुज़रती हुई, पल भर की यात्रा मात्र है।
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