ग़ैर ही मूरिद-ए-इनायत है — मीर तक़ी मीर

ग़ैर ही मूरिद-ए-इनायत है हम भी तो तुम से प्यार रखते हैं

“The Beloved is the only source of grace, But we too hold affection for you.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

शायर कह रहा है कि इनायत का स्रोत कोई और नहीं, लेकिन वह स्वयं भी आपसे प्रेम करता है।

विस्तार

यह शेर उस मोहब्बत की गहराई को बयां करता है, जहां महबूब ही हर किसी के लिए इनायत का केंद्र होता है। शायर कहते हैं कि आप ही कृपा के मूरिद हैं.... लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इकरार में एक और बात छिपी है? यह कहना कि 'हम भी तो तुम से प्यार रखते हैं,' यह सिर्फ एक इल्जाम नहीं, बल्कि एक खूबसूरत इकरार-ए-मोहब्बत है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.