“The Koh-e-Sahar (Mountain of the Desert) cannot even make a sound, No one has ever remained here till today.”
पहाड़ और रेगिस्तान भी शायद हमेशा यहाँ न रहें; आखिर इस दुनिया में आज तक कौन हमेशा के लिए टिका रहा है? यह शेर अस्तित्व की नश्वरता को दर्शाता है।
यह शेर इश्क़ की अमरता और यादों की पकड़ को बयां करता है। शायर कहते हैं कि पहाड़ों और रेगिस्तानों का विशाल फैलाव भी एक महक (खुशबू) को मिटा नहीं सकता। यह एक गहरा सवाल है: क्या आज तक कोई इस जगह को छोड़कर गया है? इसका मतलब है कि मोहब्बत और यादें इतनी गहरी हैं कि ये जगह हमेशा महकती रहती है।
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