Sukhan AI
आइंदा शाम को हम रोया कुढ़ा करेंगे मुतलक़ असर देखा नालीदन-ए-सहर में

Tonight, we will weep a torrent of tears, In the stream of dawn's sorrow, no lasting effect was seen.

मीर तक़ी मीर
अर्थ

अब से मैं शाम को रोया और दुखी हुआ करूँगा क्योंकि मैंने अपनी सुबह की आहों और पुकारों का कोई भी असर नहीं देखा।

विस्तार

यह शेर एक बहुत गहरी उलझन बयान करता है। शायर कहते हैं कि आज शाम को वो ज़ोर-ज़ोर से रोएगा, अपना गम बयां करेगा। लेकिन फिर वो रुककर सोचते हैं कि क्या इस रोने का कोई स्थायी असर होगा? क्या इस सैलाब भरे आँसू का कोई असर मिलेगा, जो सुबह की निर्मल धारा में दिखाई दे? यह अस्थायी दुःख और स्थायी सच्चाई के बीच का फ़र्क़ है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.