बहुत ज़ाल-ए-दुनिया ने दीं बाज़ियाँ मैं वो नौजवाँ हूँ जो हारा नहीं

“Many a cunning game this crone of a world has played, yet I remain the youth who never conceded defeat.”

— मीर अनीस
अर्थ

इस बूढ़ी दुनिया ने मुझे हराने के लिए कई चालें चलीं, लेकिन मैं वह नौजवान हूँ जो कभी नहीं हारा।

विस्तार

इस शेर में दुनिया को एक बूढ़ी और मक्कार औरत ('ज़ाल') की तरह पेश किया गया है, जो इंसान को आज़माने और थकाने के लिए हर रोज़ नई चालें चलती है। मगर शायर ज़िंदगी के इन तमाम फ़रेबों के सामने झुकने के बजाय सीना तान कर खड़ा है और खुद को वह बाहिम्मत नौजवान कहता है जिसका हौसला कभी नहीं टूटा। यह शेर ज़िंदगी की मुश्किलों के बीच इंसान के उस अटूट जज़्बे की जीत का जश्न है, जो कभी हार मानना नहीं जानता।

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