पुकारे कहती थी हसरत से ना'श आशिक़ की सनम किधर को हमें ख़ाक में मिला के चले

“With wistful yearning, the lover's corpse called out: 'O idol, where do you wander now, having turned me into dust?'”

— मीर अनीस
अर्थ

आशिक़ का शव हसरत से पुकार कर कह रहा था कि ऐ महबूब, तुम हमें मिट्टी में मिलाकर अब किधर जा रहे हो।

विस्तार

इस शेर में दर्द और बेबसी की इंतहा दिखाई गई है, जहाँ आशिक़ की मौत भी उसकी तड़प को खामोश नहीं कर पाती। आशिक़ का बेजान जिस्म अपने संगदिल महबूब को पुकारता है कि आखिर मुझे मिट्टी में मिलाकर, पूरी तरह बर्बाद करके अब तुम कहाँ जा रहे हो? यह उस अधूरी मोहब्बत की दास्तान है, जहाँ जिंदगी तो ख़त्म हो जाती है मगर दिल की हसरत और महबूब की बेरुखी का शिकवा बाकी रह जाता है।

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