સોબત વિના કેવી શરાબી? શી ખુમારી એકલા? આ જામ પ્યારું ઝિન્દગીથી તો ય ચૂમાતું નથી.

“What kind of drunkard without company, what intoxication alone?This goblet, dearer than life, still remains unkissed.”

— कलाપી
अर्थ

संगत के बिना कैसा शराबी और अकेला कैसा नशा? यह जाम जो ज़िंदगी से भी प्यारा है, फिर भी चूमा नहीं जाता।

विस्तार

यह खूबसूरत शेर बताता है कि ज़िंदगी के सुखों का असली मज़ा साथी के साथ ही है। यह पूछता है, "संगत के बिना कैसा शराबी? अकेले में कैसा नशा?" इसका मतलब है कि किसी भी अनुभव का असली आनंद तभी आता है जब उसे दूसरों के साथ साझा किया जाए। अकेले में वह मज़ा नहीं मिलता। फिर यह कहता है, "यह जाम, जो ज़िंदगी से भी ज़्यादा प्यारा है, फिर भी इसे छुआ नहीं जा सकता।" यानी, जो चीज़ हमें अपनी जान से भी प्यारी हो, उसका भी कोई अर्थ नहीं रहता अगर उसे बाँटने वाला कोई न हो। यह हमें याद दिलाता है कि संगति ही ज़िंदगी में असली रंग भरती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.