“Tell me, where am I alone? Where no lover is found;This full cup, alas, unvalued, where no chalice is found.”
कवि पूछता है कि वह अकेला कहाँ है, जहाँ कोई प्रेमी ही नहीं मिलता। यह भरा हुआ प्याला, अफसोस, मूल्यहीन है क्योंकि इसे पीने के लिए कोई प्याली ही नहीं है।
यह दोहा अकेलेपन की एक गहरी भावना को दर्शाता है, जो शारीरिक अकेलेपन से नहीं, बल्कि सच्चे जुड़ाव की कमी से उत्पन्न होती है। कवि पूछता है, "कौन कहता है मैं अकेला हूँ?" फिर इशारा करता है कि वास्तविक अकेलापन ऐसी दुनिया में है जहाँ सच्चे प्रेमी या सराहना करने वाले दिल मिलना मुश्किल है। यह ऐसा है जैसे प्यार और भावनाओं से भरा एक प्याला लबालब हो, लेकिन उसे प्राप्त करने या उसकी कद्र करने वाला कोई नहीं है, कोई 'प्याली' नहीं है। यह बिना साझा की गई भावनाओं और गलत समझे जाने के दर्द पर एक मार्मिक चिंतन है, भले ही आपका दिल स्नेह और लालसा से भरा हुआ हो।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
