હું જેમ આ ઘટતો ગયો, આપે બઢાવ્યો તેમ તેમ; જ્યાં જ્યાં પડું ત્યાં ઝીલવા હાજર ખડી છે આ રહમ.

“The more I lessened, the more you made me grow;Wherever I fall, this mercy's there to hold.”

— कलाપી
अर्थ

मैं जैसे-जैसे घटता गया, आपने वैसे-वैसे मुझे बढ़ाया; जहाँ कहीं भी मैं गिरूँ, वहाँ यह रहम मुझे थामने को तैयार खड़ी है।

विस्तार

यह दोहा दिव्य करुणा और अटूट विश्वास को बहुत खूबसूरती से व्यक्त करता है। इसमें एक निरंतर, अटूट समर्थन की बात कही गई है। कवि महसूस करते हैं कि जैसे-जैसे वे स्वयं को विनम्र करते हैं, या जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को कम महसूस करते हैं, कोई उच्च शक्ति उन्हें ऊपर उठाती है और मजबूत करती है। इससे भी अधिक सुकून देने वाला यह आश्वासन है कि चाहे वे कहीं भी ठोकर खाएं या गिरें, यह दिव्य दया हमेशा मौजूद रहती है, उन्हें संभालने के लिए तैयार खड़ी रहती है। यह समर्पण और कृतज्ञता की गहरी भावना को उजागर करता है, यह जानते हुए कि अनुग्रह जीवन के सभी उतार-चढ़ावों में ऊपर उठाने और रक्षा करने के लिए हमेशा मौजूद है, जो सांत्वना और शक्ति प्रदान करता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.