ના પેર ચૂમ્યા આપના, ના પેરમાં લોટ્યો જરા; પૂરી મુરાદો તો થવા દો, માનશું તે યે રહમ.

“Neither kissed your feet, nor in them did I roll, Just let my desires be fulfilled, make me whole; Even that, I'll count as mercy, a kindness of your soul.”

— कलाપી
अर्थ

मैंने न आपके पैर चूमे हैं और न ही उनमें लोटा हूँ। बस मेरी इच्छाएँ पूरी हो जाएँ, मैं इसे भी आपकी बहुत बड़ी दया मानूँगा।

विस्तार

यह दोहा गहरी, अधूरी लालसा को व्यक्त करता है। शायर इस बात पर अफ़सोस जताते हैं कि उन्हें अपने महबूब से ज़रा भी शारीरिक नज़दीकी नहीं मिल पाई, यहाँ तक कि उनके क़दम चूमने या उनकी पदधूलि में लौटने का अवसर भी नहीं मिला। यह एक गहरी दूरी और उस जुड़ाव की चाहत को उजागर करता है जो पूरा नहीं हो पाया। इसके बावजूद, शायर एक विनम्र निवेदन करते हैं: यदि सच्ची अंतरंगता संभव नहीं है, तो कम से कम उनकी दिली इच्छाएँ और मुरादें ही पूरी हो जाएँ। वे इस छोटी सी पूर्ति को भी एक बड़ी मेहरबानी या दया मानेंगे, जो उनकी बेबसी और किसी भी तरह की कृपा को ऊँचा महत्व देने की भावना को दर्शाता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.