“I go to kiss your feet, and you come to embrace,Then I feign anger, but it's your smiling grace.”
जब मैं आपके कदम चूमने जाता हूँ, तो आप मुझे गले लगाने आ जाते हैं। मैं गुस्सा करने का नाटक करता हूँ, लेकिन यह तो आपकी हँसती हुई रहमत ही है।
यह प्यारा दोहा एक गहरे संबंध का वर्णन करता है, शायद एक भक्त और ईश्वर के बीच या दो प्रेम करने वाली आत्माओं के बीच। वक्ता अपनी विनम्रता व्यक्त करते हैं, अपने प्रिय के चरणों को चूमने के लिए झुकना चाहते हैं। लेकिन इससे पहले कि वे ऐसा कर सकें, प्रिय उनसे गले मिलने के लिए आगे बढ़ते हैं। वक्ता फिर मजाक में गुस्सा करने का नाटक करने की बात कहते हैं, इसलिए नहीं कि वे सचमुच क्रोधित हैं, बल्कि इसलिए कि वे इस असीम प्रेम और मुस्कुराती हुई दया से अभिभूत हैं। यह दर्शाता है कि कैसे कृपा अक्सर हमारी विनम्रता से भी बढ़कर होती है, हमें स्नेह और करुणा के एक बड़े प्रवाह के साथ मिलती है, जिससे हमें सचमुच लाड़ प्यार महसूस होता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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