Sukhan AI
कथा-कीर्तन कुल विशे , भवसागर की नाव। कहत कबीरा या जगत में नाहि और उपाव॥ 96॥

The lineage of storytelling and devotional singing, the boat across the ocean of existence. Kabir says, 'In this world, there is nothing else to be found.'

कबीर
अर्थ

कथा-कीर्तन के कुल विशेष, भवसागर की नाव। कबीर कहते हैं कि इस जगत में और कोई उपाय नहीं।

विस्तार

कबीर दास जी कहते हैं कि यह जीवन एक गहरा और अथाह भवसागर है, और इसे पार करने का एकमात्र तरीका कथा-कीर्तन की परंपरा है, जो एक सुरक्षित नाव के समान है। वे समझाते हैं कि इस संसार में, इस आध्यात्मिक यात्रा के लिए, और कोई दूसरा उपाय या सहारा नहीं है। केवल भक्ति और स्मरण का यही मार्ग हमें भवसागर से पार ले जा सकता है, जीवन की उलझनों से मुक्ति दिला सकता है।

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पाठ
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