Sukhan AI
मूल ध्यान गुरु रूप है , मूल पूजा गुरु पाँवमूल नाम गुरु वचन है , मूल सत्य सतभाव451

The root focus is the form of the Guru, the root worship is the Guru's feet. The root name is the Guru's word, and the root truth is the state of being (Satbhava).

कबीर
अर्थ

मूल ध्यान का केंद्र गुरु का स्वरूप है, और मूल पूजा गुरु के चरण हैं। मूल नाम गुरु का वचन है, और मूल सत्य सत्व की अवस्था है।

विस्तार

इस दोहे में कबीर साहब हमें समझाते हैं कि जीवन की हर जड़, हर आधार गुरु से ही जुड़ा है। वे कहते हैं कि हमारा ध्यान गुरु के स्वरूप पर टिका होना चाहिए, और उनकी सेवा उनके चरणों में ही सच्ची पूजा है। गुरु के पवित्र वचन ही हमारे लिए सच्चे नाम का जाप हैं, और अंत में, सच्चा सत्य तो 'सतभाव' में ही छिपा है—यानी अपने भीतर की पवित्र और वास्तविक स्थिति को जानना। यह हमें याद दिलाता है कि गुरु ही हमें मायावी दुनिया से निकालकर असली राह दिखाते हैं।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.

← Prev48 / 10