नींद निशानी मौत की , उठ कबीरा जाग। और रसायन छांड़ि के , नाम रसायन लाग॥ 20॥
“Sleep is the sign of death; O Kabir, awaken. And leaving behind the alchemical remedies, embrace the nectar of the Name.”
— कबीर
अर्थ
नींद मौत की निशानी है, कबीरा, जागो। और रसायन त्याग कर, नाम को रसायन बना लो।
विस्तार
कबीर दास जी इस दोहे में हमें गहरी आध्यात्मिक नींद से जागने का संदेश दे रहे हैं। वे कहते हैं कि यह सांसारिक मोह-माया की नींद असल में मृत्यु जैसी है, जिससे हमें तुरंत जाग जाना चाहिए। जीवन की भौतिक और क्षणभंगुर चीज़ों के पीछे भागना छोड़कर, हमें ईश्वर के 'नाम' रूपी अमृत को अपनाना चाहिए, जो सच्ची शांति और मुक्ति का मार्ग है। यह 'नाम' ही असली रसायन है जो आत्मा को अमरता प्रदान करता है।
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