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रात गंवाई सोय के , दिवस गंवाया खायहीना जन्म अनमोल था , कोड़ी बदले जाय19

Having wasted the night with sleep, and wasted the day with eating. How priceless is this life, that it can be exchanged for a mere coin.

कबीर
अर्थ

सोने में रात गुज़ार देना और खाने में दिन गुज़ार देना। यह जीवन कितना अनमोल है कि इसे एक कौड़ी के बदले नहीं बदला जा सकता।

विस्तार

कबीर दास जी इस दोहे में हमें जीवन के अमूल्य समय का महत्व समझा रहे हैं। वे कहते हैं कि हम अपनी रात सोने में और दिन खाने में व्यर्थ गंवा देते हैं, यह भूलकर कि हमारा यह अनमोल जीवन यूँ ही कौड़ियों के मोल बिक रहा है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन कितना कीमती है और हमें इसे बेवजह बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि हर पल को समझदारी और सार्थकता से जीना चाहिए।

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