सियाना भेज देगा हम को महशर से जहन्नम में — जिगर मुरादाबादी

सियाना भेज देगा हम को महशर से जहन्नम में मगर जो दिल पे गुज़रेगी वो दिल ही जानता होगा

“He may well banish us from Judgment Day straight into Hell, yet what the heart must undergo, only the heart can tell.”

— जिगर मुरादाबादी

अर्थ

कोई समझदार हमें क़यामत के मैदान से नरक में भेज तो देगा, लेकिन उस वक्त दिल पर जो बीतेगी उसे केवल दिल ही जानता होगा।

विस्तार

इस शेर में शायर दुनिया के सख्त उसूलों और दिल के अनकहे दर्द के बीच का फर्क बयां कर रहे हैं। कोई समझदार मुंसिफ भले ही हमें महशर से सीधे जहन्नम में भेजने का हुक्म सुना दे, मगर वह दिल की हकीकत कभी नहीं समझ सकता। सज़ा मुक़र्रर करना तो बहुत आसान है, लेकिन अंदर जो ख़ामोश कयामत गुज़रती है, उसे सिर्फ वही दिल महसूस कर सकता है जो उससे गुज़र रहा हो।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.