मुझ में तुझ में तो कोई फ़र्क़ नहीं — जिगर मुरादाबादी
“Between you and me there lies no difference; why then does love stand between us, beloved?”
अर्थ
मुझमें और तुममें कोई फ़र्क़ नहीं है, फिर ऐ प्यारे, हमारे बीच यह इश्क़ क्यों है?
विस्तार
इस शेर में शायर अद्वैत और एकरूपता की एक बहुत ही खूबसूरत और नाज़ुक बात कह रहा है। इश्क़ आमतौर पर दो अलग-अलग रूहों को मिलाने का ज़रिया बनता है, लेकिन जब हम दोनों में कोई फ़र्क़ ही नहीं बचा और हम एक हो चुके हैं, तो फिर यह इश्क़ हमारे बीच तीसरे वजूद की तरह क्यों मौजूद है? यह उस बेहद क़रीबी और गहरे मुक़ाम की बात है जहाँ पहुँचकर इश्क़ का लफ़्ज़ भी एक बेगाना फ़ासला सा लगने लगता है।
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ऑडियो
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