कूचा-ए-इश्क़ में निकल आया
जिस को ख़ाना-ख़राब होना था
“Into love's fateful alley he has wandered out—the one who was destined for utter ruin.”
— जिगर मुरादाबादी
अर्थ
जिस व्यक्ति को बर्बाद होना था, वह आख़िरकार इश्क़ की गली में निकल आया है।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की उस बेबसी और लाचारी को बयाँ करता है जहाँ बर्बादी भी इंसान के मुक़द्दर का हिस्सा लगती है। शायर कहता है कि मोहब्बत की उस तंग गली में वही क़दम रखता है जिसके नसीब में अपना घर-बार और सुकून लुटाना लिखा हो। यहाँ 'ख़ाना-ख़राब' होना सिर्फ़ तबाह होना नहीं, बल्कि महबूब की चाहत में ख़ुद को पूरी तरह मिटा देने की एक मीठी और दर्दभरी क़बूलियत है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
