“Why should those drunk on the wine of pleasure bother to pay heed? It is only the sound of a breaking heart, not the shatter of a wine glass.”
ऐश-ओ-आराम की शराब में डूबे लोग ध्यान देने का कष्ट क्यों करें? यह महज़ दिल टूटने की आवाज़ है, किसी शराब के प्याले के टूटने की आवाज़ नहीं।
इस शेर में एक गहरा तंज़ और दिल को छू लेने वाला दर्द छुपा है। शायर कहते हैं कि जो लोग अपनी खुशियों और ऐशो-आराम के नशे में डूबे हैं, वो किसी ग़मज़दा इंसान के दुख पर भला क्यों ध्यान देंगे? उनके लिए जश्न में शराब के प्याले का टूटना तो एक अहम बात हो सकती है जो महफ़िल में खलल डाले, लेकिन किसी बेबस का दिल टूटना इतनी मामूली बात समझी जाती है कि उसकी चीख़ भी अनसुनी रह जाती है। यह शेर दुनिया की बेरहमी और इंसान के अनसुने दर्दों को बहुत ख़ूबसूरती से उजागर करता है।
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