जिस पे तेरी नज़र नहीं होती उस की जानिब ख़ुदा नहीं होता

“The one upon whom your gaze does not fall, even God does not turn towards them at all.”

— जिगर मुरादाबादी
अर्थ

जिस इंसान पर तुम्हारी नज़र या कृपा नहीं होती, उसकी तरफ़ ईश्वर भी ध्यान नहीं देता।

विस्तार

यहाँ शायर अपने महबूब की नज़र-ए-इनायत को इतना ऊँचा मक़ाम देता है कि उसके बिना ईश्वर की कृपा भी नामुमकिन लगती है। आशिक़ के लिए महबूब का प्यार ही सब कुछ है; जिस पर उसकी नज़र नहीं पड़ती, वह मानो पूरी दुनिया और ख़ुदा की रहमत से भी बेगाना हो जाता है। यह इश्क़ की उस दीवानगी को बयां करता है जहाँ महबूब की तवज्जो ही ज़िंदगी की सबसे बड़ी नेमत बन जाती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.