दिल को क्या क्या सुकून होता है
जब कोई आसरा नहीं होता
“What wondrous peace the heart attains, when not a single hope remains.”
— जिगर मुरादाबादी
अर्थ
जब किसी से कोई उम्मीद या सहारा नहीं रह जाता, तब दिल को बहुत सुकून मिलता है।
विस्तार
यह शेर ज़िन्दगी के एक अनोखे विरोधाभास को बयां करता है—जब तक हम किसी उम्मीद या सहारे से बंधे रहते हैं, दिल खोने के डर से बेचैन रहता है। लेकिन जैसे ही सारे सहारे छूट जाते हैं, नाउम्मीदी की हद पर एक गहरा और बेपरवाह सुकून उतर आता है। यह किसी पर निर्भर न रहने की वह आज़ादी है जहाँ डर खत्म होते ही रूह को असली ठहराव मिल जाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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