“Of men, women, children, varied maladies,Awaken! In every home, prepare Death's bed.”
पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की विभिन्न बीमारियाँ हैं। जागो! हर घर में मृत्यु का बिस्तर तैयार करो।
यह दोहा हमें याद दिलाता है कि बीमारियाँ किसी को भी नहीं छोड़तीं, चाहे वे पुरुष हों, महिलाएँ हों या बच्चे। यह हमें 'जागरूक होने' या इन बीमारियों के प्रति सचेत रहने का आग्रह करता है। 'घर-घर करो कृतांत की पथारी' का अर्थ एक गंभीर चेतावनी है। इसका मतलब है कि यदि हम अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखेंगे, तो बीमारियाँ हर घर में दुख और हानि का कारण बन सकती हैं, मानो मृत्यु हर घर में अपना बिस्तर बना रही हो। इसलिए, यह हमें अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सतर्क रहने और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रखने का संदेश देता है, ताकि हम एक गंभीर भविष्य से बच सकें।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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