वो मर्ग़-ज़ार कि बीम-ए-ख़िज़ाँ नहीं जिस में ग़मीं न हो कि तिरे आशियाँ से दूर नहीं

“That graveyard, which is not the beam of autumn, where / The sorrow is not that far from your dwelling place.”

— अल्लामा इक़बाल
अर्थ

वह कब्रिस्तान वह पतझड़ की किरण नहीं जिसमें / गम ऐसा न हो कि तुम्हारे घर से दूर न हो।

विस्तार

यह शेर ज़िंदगी के सबसे गहरे दर्द को छूता है। शायर कहते हैं कि असली गम कब्रों पर पड़ने वाली पतझड़ की किरण से नहीं होता। हमारा दुख कहीं और है—वह है उस जगह का, जो महबूब के आसमाँ से दूर नहीं। यह उस दर्द का इज़हार है, जब नज़दीकी भी तन्हाई और गम का एहसास कराती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.

वो मर्ग़-ज़ार कि बीम-ए-ख़िज़ाँ नहीं जिस में | Sukhan AI