न है सितारे की गर्दिश न बाज़ी-ए-अफ़्लाक
ख़ुदी की मौत है तेरा ज़वाल-ए-नेमत-ओ-जाह
“Neither is it the cycle of stars, nor the play of the heavens; / It is the death of the self, your decline of grace and glory.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
न यह सितारों का घूमना है, न ही आकाशीय खेल; यह तो खुद की मौत है, तेरा नवरत्न और शान का पतन।
विस्तार
यह शेर हमें याद दिलाता है कि बाहरी दुनिया की रौनकें कितनी क्षणभंगुर हैं। अल्लामा इकबाल कहते हैं कि सितारों का घूमना या आसमान का कोई भी खेल, अपने 'अस्तित्व' (ख़ुदी) के खत्म होने से बड़ा नहीं है। शायर समझाते हैं कि असली तबाही न तो ज़माने से बिछड़ना है, बल्कि अपने अंदर की पहचान का खो जाना है। यह एक गहरे आत्म-मंथन का संदेश है।
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