काफ़िर है तो शमशीर पे करता है भरोसा — अल्लामा इक़बाल

काफ़िर है तो शमशीर पे करता है भरोसा मोमिन है तो बे-तेग़ भी लड़ता है सिपाही

“If he is an infidel, he trusts the sword; If he is a believer, he fights the untamed soldier.”

— अल्लामा इक़बाल

अर्थ

यदि वह काफ़िर है तो वह तलवार पर भरोसा करता है; यदि वह मोमिन है तो वह बे-तेग़ (बिना नियंत्रण वाले) सिपाही की तरह लड़ता है।

विस्तार

यह शेर बहुत गहरा है। शायर साहब बता रहे हैं कि किस तरह की ताकत असली होती है। एक तरफ वो शख्स है जो सिर्फ अपनी तलवार पर भरोसा करता है, बाहरी ताकत पर। लेकिन दूसरी तरफ, वो मोमिन है जिसके पास कोई हथियार नहीं, फिर भी वो अपने विश्वास के दम पर एक सिपाही की तरह लड़ता है। यह सिर्फ लड़ाई की बात नहीं है, यह आत्मा की शक्ति की बात है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.