ज़रा सी बात थी अंदेशा-ए-अजम ने उसे
बढ़ा दिया है फ़क़त ज़ेब-ए-दास्ताँ के लिए
“A mere whisper of a matter, the apprehension of the world, / Has magnified it merely for the beauty of the tale.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
एक छोटी सी बात थी, जिसे दुनिया के डर ने केवल कहानी की सुंदरता के लिए बढ़ा दिया है।
विस्तार
यह शेर हमें एक बहुत गहरी बात सिखाता है.... कि हमारी कल्पना और संदेह में कितना बल होता है! शायर कहते हैं कि जो बात शुरू में बहुत छोटी थी, उसे सिर्फ़ कहानी बनाने की चाहत में इतना बढ़ा दिया गया कि उसका वजूद ही बदल गया। यह इंसान के मन के उस डर को दिखाता है, जो सच से ज़्यादा कहानी को महत्व देता है।
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