ये अक़्ल ओ दिल हैं शरर शोला-ए-मोहब्बत के
वो ख़ार-ओ-ख़स के लिए है ये नीस्ताँ के लिए
“This intellect and heart are for the sparks and flames of love, They are for the thorns and wild grass, for the desolate lands.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ये बुद्धि और दिल प्यार की चिंगारी और आग के लिए हैं, वो कांटे और जंगली घास के लिए हैं यह वीरान जगह।
विस्तार
यह शेर मोहब्बत की उथल-पुथल भरी हकीकत को बयां करता है। शायर कहते हैं कि हमारा ये अक़्ल और ये दिल सिर्फ़ इश्क़ की शोला-ए-मोहब्बत के लिए हैं। लेकिन दूसरी लाइन एक गहरा दर्द लिए हुए है—यह वीरान ज़मीन (नीस्ताँ) तो बस बिछड़ने के काँटों और ख़ुशबू (दर्द) के लिए है। यह मोहब्बत के जोश और जुदाई के दर्द का ज़िक्र है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
